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आंक्राताओं के अत्याचारो की अंतहीन सूची है विभाजन की विभीषिकाः- उन्माद से उपजे आतंकवाद को समझना होगा तभी उन्मुलन का स्थाई मार्ग मिलेगा।

0 विस्थापन का दर्द रक्तरंजित इतिहास को स्मरण करवाता है, बहुत से लेखक जो उस दौर से गुजरे है उन्होने

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Historical

देश द्रोही की सूचना सहायता से अंग्रेजों ने दी थी चंदु को फांसी।

0 केरल के वायनाड में तोंडूरनाड़ में जन्मे तलक्कल चंदु कुरुचिया जनजातीय के वीर बलिदानी थे जिनका शौर्य अद्भुत था।

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Historical

अंग्रेज अधिकारी का वध करने वाले बाबा तिलका मांझी का शौर्य और बलिदान आज भी जिवित।

0 अमर बलिदानी तिलका मांझी का जन्म 11 फरवरी 1750 में सुल्तानगंज, बिहार के तिलकपुर में हुआ था संथाल जनजाति

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