अंधारवड़ में गिरा वर्ष 2026 का प्रथम भगोरिया हाट,ढोल-मादल की थाप पर गूंजा आदिवासी अंचल, हजारों ग्रामीणों की उमड़ी भीड़।

कांग्रेस ने निकाली 40 ढोल के साथ गैर
राणापुर योगेश चौहान।
आदिवासी अंचल का प्रसिद्ध और पारंपरिक पर्व भगोरिया वर्ष 2026 में धूमधाम के साथ आज प्रारंभ हो गया हैं । इस वर्ष का प्रथम भगोरिया हाट राणापुर ब्लाक के अंधारवड़ में गिरा है । जहां दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए हैं ।आदिवासी परंपरा के अनुसार प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले इस पर्व में युवक-युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में सजे नजर आए । युवतियां एक ड्रेस कोड में पहुंची व चांदी के आभूषण पहने हुए भगोरिया हाट में पहुंची तो युवाओं में भी खास उत्साह देखा गया वे भी आदिवासी वेशभूषा धोती पजामे में पहुंचे व आदिवासी हथियार तीर कमान हाथों में लिए पहुंचे । ढोल-मादल की गूंजती थाप और लगभग 40 ढोलों के साथ निकली आदिवासी गैर आकर्षण का केंद्र रही। आदिवासी अंचल के 40 गावो से अलग अलग टिम अपना अपना ढोल लिए भगोरिया हाट में पहुंची । जिसमें बड़ी संख्या में युवा ,पुरुष वर्ग ,महिलाएं व बच्चे शामिल थे । ढोल की थाप के साथ कांग्रेस के झंडे के साथ सभी ढोल ने भगोरिया हाट में गैर निकाली । वहीं युवक तीर-कमान के साथ पारंपरिक अंदाज में भगोरिया हाट में शामिल हुए।

गैर के साथ समस्त आदिवासी समाज के लोग भगोरिया हाट स्थल पहुंचे, जहां उत्सव का माहौल देखने को मिला। कांग्रेस के झंडों के साथ जुलूस भी निकाला गया,जिसे आदिवासी भाषा में गैर कहा जाता है । जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। व ढोल की थाप पर आदिवासी नृत्य करते हुए भगोरिया का आनंद लिया । भघोरिया हाट में विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक व्यापारी भी पहुंचे। हाट में जलेबी, दूध, खजूर, खोपरा, तोस, खारी, बिस्किट , फल फ्रूट ,तो कई भजिया कचौरी,सहित दैनिक उपयोग की कई सामग्रियों की दुकानें सजी दिखाई दी । वहीं झूले चकरी का भी लोगों में खासा उत्साह देखा गया । लोगों ने पारंपरिक चूल्हे-चकरी का आनंद भी लिया और भगोरिया हाट का वातावरण दिनभर बना रहा । ग्रामीणों ने खरीदारी के साथ-साथ पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। व जमकर खरीददारी करी ।

सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर राणापुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया। थानाप्रभारी दिनेश रावत सहित पुलिस टीम हाट में लगातार गश्त करती दिखाई दी और चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी गई, जिससे भगोरिया हाट शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कही भी विवाद जैसी स्थिति नहीं दिखाई दी । *पुलिस ने घूम मासूम बच्चे को परिजन को लौटाया*पुलिस प्रशासन ने अंधारवड़ भगोरिया में अपने परिजनों से बिछड़कर गुम हुए 4 वर्षीय बालक को उसके परिजनों से पुनः मिलवाया गया। बच्चे के वापस मिलने से परिजन और बालक के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। भघोरिया हाट में आदिवासी समाज के लोगों ने परंपरा, संस्कृति और उत्साह का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। पर्व की शुरुआत के साथ ही पूरे अंचल में उत्सव का वातावरण बन गया है। अब 8 दिनों तक लगत आदिवासी अंचल में भगोरिया हाट गिरेगा । जिसमें जमकर लोग भागीदारी लेंगे ।

आदिवासी संस्कृति रीतिरिवाज इस भगोरिया हाट में देखने को मिलेंगे ।कांग्रेस गैर में यह नेतागण हुए सम्मिलित कैलाश डामोर, रतनसीह वाखला ,विजय साह,रमेश मेडा,कालिया सिंगाड,दिनेश वसुनिया,योगी ठेकेदार, योगेन्द्र सिंह भूरिया, माधुसनिंह सिंगाड,प्रकाश परमार, धर्मेन्द्र सोलिया, देव पड़ियार,सहित समस्त कांग्रेस कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहेझाबुआ पुलिस ने अंधारवड़ भगोरिया में अपने परिजनों से बिछड़कर गुम हुए 4 वर्षीय बालक को उसके परिजनों से पुनः मिलवाया गया। बच्चे के वापस मिलने से परिजन और बालक के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।