सुरक्षित भविष्य देने पर अतिथि विद्वान मोहन सरकार के रहेंगे आजीवन आभारी

अतिथि विद्वानों में एक बार फिर जागी आशा की किरण ”

एमपी में हरियाणा जैसी पॉलिसी लागू करने हेतु समिति गठित ‘एमपी के शासकीय महाविद्यालयों में कालखंड व प्रति कार्यदिवस पर बच्चों का जीवन संवारने वाले अतिथि विद्वानों को पिछली शिवराज सरकार में हुई महापंचायत से कुछ सुविधाएं जरूर मिली थी, परंतु भविष्य असुरक्षित होने से बार – बार फॉलेन आउट कर दिया जाता था। लेकिन 29 दिसंबर 2025 को डॉ. मोहन यादव सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने भोपाल में प्रेस वार्ता के दौरान अतिथि विद्वानों के संदर्भ में हरियाणा पॉलिसी बनाने व भविष्य सुरक्षित करने की घोषणा की थी। इसी परिप्रेक्ष्य में इन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को ही एक तीन सदस्यीय समिति का गठन भी कर दिया है।

जो अपना प्रतिवेदन 6 व 7 जनवरी को उच्च शिक्षा विभाग को सौंपेगी। अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह भदौरिया, डॉ.अमिताभ मिश्रा, डॉ. यश कुमार सिंह, डॉ. अजब सिंह राजपूत, डॉ. इंद्रेश द्विवेदी, डॉ. बीएल दोहरे, डॉ. संजय पांडे, मीडिया प्रभारी शंकरलाल खरवाडिया आदि ने मोहन सरकार द्वारा अतिथि विद्वानों के हित में समिति गठित करने पर प्रसन्नता व्यक्त की है और नीति का बेहतर लाभ मिलने पर आजीवन ॠणी रहने की बात कही है। संघर्ष मोर्चा को भरोसा है कि मध्य प्रदेश में अतिथि विद्वानों ने ग्रामीण अंचल व दूरदराज के महाविद्यालयों में निस्वार्थ भाव और नाममात्र के मानदेय पर वर्ष 2002 से लगातार सेवा दी है।

महाविद्यालय की हर समिति, परीक्षा ड्यूटी, मूल्याकंन कार्य आदि में महती भूमिका भी निभाई है। इसलिए सभी को आशा है कि मोहन सरकार उन्हें हरियाणा पॉलिसी से भी बेहतर भविष्य देंगी।वास्तव में यह सोचनीय प्रश्न है कि अधिकांश अतिथि विद्वानों की अधेड़ आयु के कारण अन्य क्षेत्रों में नौकरी के अवसर खत्म हो गए थे। इसके अलावा पारिवारिक जिम्मेदारियों व नवीन प्रतिस्पर्धियों के कारण नियमित भर्ती में भी बहुत कम चयनित हो पा रहे थे। जिससे उन्हें अपने रोजगार की चिंता सताए जा रही थी।प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह भदौरिया का इस संबंध में कहना है कि अतिथि विद्वान लंबे समय से सेवाएं देते आ रहे हैं। एक बार फिर हमारे मन में आशा की किरण जाग गई है। ठोस नीति बनने पर समस्या का समाधान हो जाएगा। वहीं मीडिया प्रभारी शंकरलाल खरवाडिया ने अपनी राय जाहिर करते हुए बताया है कि यदि मोहन सरकार हरियाणा से भी बेहतर हमारा भविष्य संवारेगी तो हमारी और हमारे बाल – बच्चों की दुआएं उनके साथ हमेशा रहेगी।

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