जो मनुष्य धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है -ः साध्वी अनुभवदृष्टा श्रीजी मसा

मौन एकादशी पर श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में विशेष प्रवचन का हुआ आयोजन

झाबुआ।

स्थानीय जैन तीर्थ श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में मौन एकादशी तिथि पर पोषध शाला भवन में साध्वी अनुभवदृष्टा श्रीजी मसा ने समाजजनों को विशेष प्रवचन दिए एवं मौन एकादशी के महत्व के बारे में बताया। दोपहर में साध्वी कल्पदर्शिता श्रीजी मसा ने श्रावक-श्राविकाओं को देववंदन की संपूर्ण क्रिया करवाई।

जानकारी देते हुए श्वेतांबर जैन श्री संघ मीडिया प्रभारी रिंकू रूनवाल ने बताया कि 1 नवंबर, सोमवार को मौन एकादशी तिथि होने पर पोषध शाला भवन में परम् पूज्य साध्वी भगवंत अनुभवदृष्टा श्रीजी मसा ने प्रवचन में फरमाया कि जो मनुष्य धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। साध्वीश्री ने बताया कि धर्मनिष्ठ सूरज सेठ पोषध शाला में रात्रि का पोषध करते है, उस समय उनके गृह में चोर प्रवेश कर धन चोरी कर पोटले में ले जा रहे थे, किन्तु शासन देव ने उन चोरो को धन के पोटलों सहित एक जगह स्थिर कर दिया। प्रातः सूरज सेठ के गृह निवास आने पर यह दृश्य देखा तो वह स्तब्ध रह गए। सूरज सेठ ने चोरो के प्रति दयाभाव प्रकट किया एवं उन्हें धन-माल सहित जाने हेतु प्रभु से प्रार्थना की। साथ ही नगर रक्षकों को सूचित नहीं करने का निर्णय लिया, किन्तु फिर भी उक्त समाचार नगर में फैल गया। नगर रक्षकों ने आकर उन चोरो को राजा के सामने पेश किए जाने पर मृत्युदंड से दंडित किया गया। यह समाचार सेठ सूरज को ज्ञात होने पर उन्होंने तत्काल राजमहल में जाकर राजा से अपने प्रभाव का उपयोग कर राजदंड से मुक्ति प्रदान करवाई एवं भविष्य में चोरी नहीं करने की शपथ दिलवाई। बाद उन चोरो को चुराया गया धन उन्हें ही सौंप दिया।सामूहिक देववंदन की क्रिया करवाई दोपहर में पोषध शाला भवन में पूज्य साध्वी कल्पदर्शिता श्रीजी मसा ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को देववंदन की संपूर्ण क्रिया विधि-विधानपूर्वक संपन्न करवाई एवं प्रवचन में कहा कि सूरज सेठ के गृह के आसपास एक मर्तबा भयंकर अग्निकांड हो गया, किन्तु सूरठ सेठ धर्मनिष्ठ होने से उनके गृह निवास को तनिक भी क्षति नहीं हुई। धर्मसभा में श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता, वरिष्ठ श्रावक अशोक कटारिया, श्रावकरत्न धर्मचन्द मेहता, हमीरमल कांसवा, मनोहरलाल छाजेड़, महेन्द्र मुथा, जितेन्द्र बाबेल, कमलेश भंडारी, अनिल रूनवाल, निखिल भंडारी आदि उपस्थित थे।

मौन एकादशी के अवसर पर समाज के कई श्रावक-श्राविकाओं ने मौन साधना एवं जप-तप आदि भी किया, जिसकी साध्वीश्री द्वारा अनुमोदना की गई।साध्वी सौम्यरत्ना श्रीजी आदि ठाणा-5 का मंगल प्रवेश आजश्री संघ मीडिया रिंकू रूनवाल ने जानकारी दी कि गच्छाधिपति परम पूज्य आचार्य भगवंत श्रीमद विजय हितेषचंद्र सूरीश्वरजी मसा की आज्ञानुवर्तिनी एवं पपू विदुषी साध्वी तत्वदर्शना श्रीजी मसा की सुशिष्या साध्वी सौम्यरत्ना श्रीजी मसा आदि ठाणा-5 का 2 दिसंबर, मंगलवार अलसुबह 5 बजे फुलमाल विहारधाम से विहार करके श्री ऋषभदेव बावन जिनालय आगमन होगा। साध्वीश्री आदि ठाणा द्वारा यहां दर्शन-वंदन करने के पश्चात् श्री गोडी पार्श्वनाथ मंदिर एवं श्रीराज पुष्प हेमेन्द्र आयंबिल भवन पधारेंगे। साध्वी सौम्यरत्ना श्रीजी आदि ठाणा-5 द्वारा कालीदेवी होते हुए मोहनखेड़ा के लिए विहार किया जाएगा।

श्री संघ द्वारा साध्वीश्री के विहार में अधिकाधिक संख्या में शामिल होकर लाभ लेने हेतु अपील की गई है।

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