सात दिवसीय वर्मी कंपोस्टिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन।

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, शहीद चंद्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय झाबुआ में प्राणी शास्त्र विभाग द्वारा प्रधानमंत्री उच्च शिक्षा अभियान पीएम उषा सॉफ्ट कंपोनेंट 3 के अंतर्गत उद्यमिता विकास केंद्र झाबुआ द्वारा आयोजित सात दिवसीय वर्मी कंपोस्टिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के अवसर पर डॉ जगदीश मौर्य मुख्य अतिथि सीनियर साइंटिस्ट कृषि विज्ञान केंद्र झाबुआ एवं विशेष अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. आर. के. त्रिपाठी, टेक्निकल ऑफीसर कृषि विज्ञान केंद्र झाबुआ रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था प्रमुख प्राचार्य डॉ जे सी सिन्हा द्वारा की गई। इस कार्यक्रम की सार्थकता के बारे में डॉ. जे. सी. सिन्हा ने विद्यार्थियों को कहा कि वर्मी किसान के मित्र होते हैं, और यह फसलों के उत्पादन को बढ़ाते हैं। वर्मी खाद का उपयोग अपने खेतों में करके जैविक खेती को बढ़ावा देकर संपूर्ण राष्ट्र के स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं। साथ ही अपने आर्थिक मूल्य को जैविक खेती करके बढ़ा सकते हैं।

डॉ. जी. सी. मेहता ने बताया कि कैसे वर्मी कंपोस्टिंग खाद का उपयोग करके रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम कर फसलों को उन्नत किस्म का बनाया जा सकता है,और रासायनिक उर्वरकों से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. आर. के. त्रिपाठी ने वर्मी कंपोस्ट के अतिरिक्त हरित क्रांति, उर्वरकों के बेसल डोज, मेढ नाली पद्धति की खेती, मिट्टी बनने की प्रक्रिया, मेड बंधान, मिट्टी के कटाव को कैसे रोका जा सकता है, मृदा संरक्षण के लिए मेड बंधान तथा पंचायत स्तर पर मेड बंधान के लिए प्रोजेक्ट जो शासन द्वारा चलाए जा रहे हैं उनकी जानकारी दी।

मुख्य अतिथि डॉ. जगदीश मौर्य ने वर्मी कंपोस्ट के विभिन्न तकनीकों उनका महत्व और उनसे किस प्रकार से उन्नत फसलों का उत्पादन किया जा सकता है के बारे में जानकारी प्रदान की ।इसके अतिरिक्त अपने यह भी बताया कि कैसे किसान बकरी पालन, कड़कनाथ मुर्गा पालन और विभिन्न प्रकार की फसले उगाकर जैसे चिया सीड, कलौंजी, सफेद मूसली अपने आई के संसाधनों को बढ़ा सकते हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय व कृषि विज्ञान केंद्र के मध्य एम ओ यू भी साइन किया गया । विद्यार्थी बबलू डामोर और हिमानी डांगर ने वर्मी कंपोस्टिंग प्रशिक्षण के अनुभव साझा किया। साथ ही वर्मी कंपोस्टिंग प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गएl इस समापन अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ संजू गांधी, डॉ. जी. सी. मेहता, डॉ. अरुण कटरा, डॉ. वी. एस. मेडा,पी. एम. उषा प्रभारी, डॉ. रीना गणावा, डॉ. अंजना ठाकुर, डॉ. सुनील सिकरवार,डॉ. बी. एल डावर, डॉ. राजू बघेल, डॉ. ईश्वर सिंह डावर, डॉ.जेमाल डामोर वर्मी कंपोस्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम संयोजक डॉ. रीता गणावा, सदस्य पावर सिंह मेडा, राजेश चौहान विद्यार्थी खुशबू भूरिया, रामबाई , सिमोन, मनीष बारिया, पार्वती बघेल, शशिकांत उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीता गणावा ने किया आभार डॉ. जूली जैन ने माना।

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